भारतीय मूल के क्लब क्रिकेटर की मैच के दौरान मौत, मैदान पर गिरते ही दम तोड़ दिया

एक क्लब मैच के दौरान भारतीय मूल के क्रिकेटर हरीश गंगाधरन की मौत हो गई। यह मैच न्यूजीलैंड के डुनेडिन शहर में खेला जा रहा था। 33 साल के गंगाधरन ने दो ओवर गेंदबाजी करने के बाद सांस लेने में दिक्कत की बात कही। फिल्डिंग के दौरान ही वह मैदान पर गिर गए। साथी खिलाड़ियों ने उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुके थे।

ग्रीन आइसलैंड क्रिकेट क्लब के लिए खेलते थे हरीश
हरीश ग्रीन आइसलैंड क्रिकेट क्लब के लिए खेलते थे। क्लब के प्रेसिडेंट ने दुख जताते हुए कहा, "इस खबर की पुष्टि करते समय मेरा दिल काफी टूटा हुआ है। ग्रीन आइसलैंड क्रिकेट क्लब के हरीश गंगाधरन को हरसंभव कोशिश के बाद भी बचाया नहीं जा सका।'

गंगाधरन के साथी खिलाड़ियों के मुताबिक, कोच्चि के रहने वाले गंगाधरन पांच साल पहले न्यूजीलैंड आए थे। वे ग्रीन आइसलैंड की तरफ से 6वां सीजन से खेल रहे थे। हरीश अपनी टीम के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ओपनिंग करते थे।

साथी खिलाड़ी साइरस बारनाबस के मुताबिक, शनिवार को खेले गए मैच से पहले गंगाधवन ने तीन बातें कहीं थी। पहली ये कि टीम कम से कम 250 का स्कोर बनाएगी, दूसरा पूरे 50 ओवर खेलेंगे। तीसरी बात कि कोई एक खिलाड़ी शतक लगाएगा।

फील्डिंग करते हुए रमन लांबा की मौत
इससे पहले भी बांग्लादेश में एक क्लब मैच के दौरान फील्डिंग करते हुए भारतीय खिलाड़ी रमन लांबा की मौत हो गई थी। उनके सिर पर बॉल लग गई थी। तीन दिन संघर्ष करने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया था। मौत के वक्त रमन मात्र 38 साल के थे। बांग्लादेश में हुए इस हादसे के समय उनकी पत्नी भारत में थीं।

सिर में गेंद लगने से फिल ह्यूज की मौत
27 नवंबर 2014 को फिल ह्यूज की भी क्रिकेट मैच के दौरान असमय मौत हो गई थी। फिल ह्यूज शेफील्ड शील्ड ट्रॉफी मैच में साउथ ऑस्ट्रेलिया की ओर से खेल रहे थे। 25 नवंबर को न्यू साउथ वेल्स के तेज गेंदबाज सीन एबॉट की बाउंसर को हुक करने की कोशिश में बुरी तरह चोटिल हो गए थे। गेंद उनके हेलमेट के निचले हिस्से में सिर से टकराई थी। इस हादसे में उनकी मौत हो गई थी।

दो बार रनर-अप रही सौराष्ट्र टीम
रणजी ट्रॉफी में 1950-51 सीजन से कदम रखने वाली सौराष्ट्र अब तक तीन बार फाइनल में पहुंच पाई है। दो बार 2012-13 और 2015-16 सीजन में वह रनर-अप रही। अब उसके पास पहली बार चैम्पियन बनने का मौका है। सौराष्ट्र ने रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में कर्नाटक को पांच विकेट से हराकर तीसरी बार फाइनल में प्रवेश किया है। वहीं, विदर्भ ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में केरल को पारी और 11 रन से हराया था।

खिताब बचाने के लिए मैदान में विदर्भ
विदर्भ लगातार दूसरा रणजी खिताब जीतने के लिए मैदान में उतरा है। विदर्भ ने पिछली बार रणजी ट्रॉफी 2017-18 में दिल्ली को हराकर पहली बार खिताब जीता था। विदर्भ ने दिल्ली को 9 विकेट से हराया था। विदर्भ ने रणजी में अपना डेब्यू 1957-58 के सीजन से किया था। यह रणजी इतिहास की तीसरी टीम है, जिसने डेब्यू करने के बाद पहला खिताब जीतने के लिए इतना लंबा इंतेजार किया।

शनिवार को नागपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, ''मैं कई लोगों से मिला, जो कहते हैं कि हमने अपना जीवन भाजपा और देश के लिए समर्पित कर दिया। तब मैंने पूछा तुम क्या करते हो और घर में सब कैसे हैं। उसने कहा कि दुकान ठीक नहीं चल रही थी तो मैंने उसे बंद कर दिया। घर में पत्नी और बच्चे हैं। फिर मैंने उससे कहा कि पहले अपना घर और बच्चों को संभालो। इसके बाद पार्टी और देश के लिए काम करो।''

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