समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट की साजिश की पूरी कहानी
18 फ़रवरी 2007 को भारत-पाकिस्तान के बी च हफ़्ते में दो दिन चलनेवाली ट्रेन संख्या 4001 अप अटारी (समझौता) एक्सप्रेस में दो आईईडी धमाके हुए जिसमें 68 लोगों की मौत हो गई थी. एनआईए कोर्ट समझौता ब्लास्ट मामले के पर सोमवार को फ़ैसला सुना सकती है. यह हादसा रात 11.53 बजे दिल्ली से क़रीब 80 किलोमीटर दूर पानीपत के दिवाना रेलवे स्टेशन के पास हुआ. धमाकों की वजह से ट्रेन में आग लग गई और इसमें महिलाओं और बच्चों समेत कुल 68 लोगों की मौत हो गई जबकि 12 लोग घायल हुए. 19 फ़रवरी को जीआरपी/एसआईटी हरियाणा पुलिस ने मामले को दर्ज किया और क़रीब ढाई साल के बाद इस घटना की जांच का ज़िम्मा 29 जुलाई 2010 को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी यानी एनआईए को सौंपा गया. बाद में इस घटना को अंजाम देने का सिलसिलेवार ब्योरा सामने आया. तो चलिए जानते हैं कि कैसे यह साजिश रची गई और ब्लास्ट वाले दिन बमों को समझौता एक्सप्रेस तक कैसे पहुंचाया गया. क्या था मंसूबा? जांच में यह स्थापित हुआ कि अटारी एक्सप्रेस (समझौता एक्सप्रेस) 18 फ़रवरी 2007 को रात 10 बज कर 50 मिनट पर दिल्ली से अपने गंतव्य अटारी (पंजाब) के लिए निकली. रात 11 बज...